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Patna News: मीठापुर-सिपारा में बनेगा 3.97 करोड़ का आधुनिक पार्क, बच्चों के प्ले एरिया से योगा कुटिर तक मिलेंगी सुविधाएं

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | मीठापुर-सिपारा इलाके में 3.97 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सिपारा पार्क विकसित होगा। पार्क में प्ले एरिया, ओपन जिम, योगा कुटिर, वॉकिंग ट्रैक, फव्वारा और सेल्फी प्वाइंट जैसी सुविधाएं होंगी।

पटना, 24 अगस्त। दक्षिणी पटना के मीठापुर-सिपारा इलाके में रहने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। लंबे समय से बेहतर सार्वजनिक हरित स्थल की जरूरत महसूस कर रहे इस क्षेत्र को जल्द ही आधुनिक सुविधाओं से लैस नया पार्क मिलने वाला है। पटना नगर निगम ने वार्ड नंबर 30 में प्रस्तावित सिपारा पार्क के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है और इसके लिए टेंडर जारी किया गया है।

करीब 14,717 वर्गफुट क्षेत्र में विकसित होने वाले इस पार्क पर लगभग 3.97 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पार्क को अमृत 2.0 योजना के तहत विकसित करने की योजना है। निर्माण पूरा होने के बाद यह मीठापुर, सिपारा और आसपास की आबादी के लिए सुबह-शाम टहलने, व्यायाम करने और परिवार के साथ समय बिताने का नया ठिकाना बन सकता है।

पार्क का निर्माण मीठापुर कृषि फार्म के पीछे उपलब्ध जमीन पर किया जाना है। खास बात यह है कि परियोजना में सिर्फ हरियाली और बैठने की जगह बनाने पर जोर नहीं दिया गया है, बल्कि बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग सुविधाएं प्रस्तावित की गई हैं।

पहले से बढ़ा पार्क का बजट

सिपारा पार्क के निर्माण को लेकर पहले भी योजना बनाई गई थी। शुरुआती स्तर पर बुडको की ओर से करीब 1.85 करोड़ रुपये की लागत का लक्ष्य रखा गया था। अब पटना नगर निगम की योजना में इस परियोजना का बजट बढ़कर करीब 3.97 करोड़ रुपये हो गया है।

बजट बढ़ने के साथ पार्क में सुविधाओं का दायरा भी बड़ा किया गया है। नगर निगम इसे सामान्य पार्क के बजाय आधुनिक सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित करने की तैयारी में है।

बच्चों के लिए अलग प्ले एरिया

पार्क में सबसे प्रमुख आकर्षणों में बच्चों के लिए बनाया जाने वाला चिल्ड्रेन प्ले एरिया होगा। यहां बच्चों के खेलने के लिए अलग स्थान तैयार किया जाएगा, ताकि परिवार के साथ पार्क पहुंचने वाले लोगों को बच्चों के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित जगह मिल सके।

शहर में खुले स्थानों की कमी के बीच ऐसे प्ले एरिया की सुविधा स्थानीय परिवारों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। सुबह और शाम के समय बच्चों को खेलने के लिए आसपास ही एक बेहतर विकल्प मिलने की उम्मीद है।

ओपन जिम और योगा कुटिर

पार्क को सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं रखा जाएगा। स्वास्थ्य और फिटनेस को ध्यान में रखते हुए यहां ओपन जिम की व्यवस्था होगी। युवा और बुजुर्ग खुले वातावरण में व्यायाम कर सकेंगे।

इसके अलावा योगाभ्यास के लिए योगा कुटिर बनाने की योजना है। इससे सुबह के समय योग और हल्के व्यायाम करने वाले लोगों को अलग स्थान मिल सकेगा।

रंगीन रोशनी वाला फव्वारा बनेगा आकर्षण

पार्क की खूबसूरती बढ़ाने के लिए परिसर में आकर्षक लाइटिंग और हरियाली विकसित की जाएगी। पार्क के बीच में रंगीन रोशनी से सुसज्जित फव्वारा लगाने की योजना है।

इसके आसपास बैठने और घूमने के लिए व्यवस्थित स्थान तैयार किए जाएंगे। पार्क के अलग-अलग हिस्सों में पेंटिंग और सजावटी कार्य भी कराया जाएगा, जिससे पूरे परिसर को आकर्षक रूप देने की कोशिश होगी।

वॉकिंग ट्रैक से सुबह-शाम की सैर आसान

पार्क में लोगों के लिए वॉकिंग ट्रैक भी तैयार किया जाएगा। इससे स्थानीय लोग बिना मुख्य सड़क पर निकले सुरक्षित वातावरण में टहल सकेंगे।

इसके साथ गजेबो और सिटिंग एरिया बनाए जाने की योजना है। बुजुर्गों के साथ परिवार के अन्य सदस्य भी यहां बैठकर समय बिता सकेंगे।

'आई लव सिपारा पार्क' बनेगा सेल्फी प्वाइंट

आज के दौर में सार्वजनिक स्थलों पर सेल्फी प्वाइंट भी लोगों के आकर्षण का हिस्सा बन चुके हैं। सिपारा पार्क में भी विशेष सेल्फी प्वाइंट बनाने की योजना है।

इसके लिए 'आई लव सिपारा पार्क' थीम प्रस्तावित की गई है। आकर्षक डिजाइन और लाइटिंग के साथ तैयार होने वाला यह स्थान युवाओं के बीच लोकप्रिय हो सकता है।

पानी और शौचालय की भी व्यवस्था

पार्क में आने वाले लोगों की बुनियादी जरूरतों का भी ध्यान रखा जाएगा। परिसर में पीने के साफ पानी की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा आधुनिक शौचालय बनाए जाने की योजना है।

प्रवेश के लिए टिकट काउंटर की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। इससे पार्क के संचालन और प्रवेश व्यवस्था को व्यवस्थित रखने में मदद मिल सकती है।

हाई मास्ट और सोलर लाइट से रोशन होगा परिसर

पार्क की सुरक्षा और रोशनी के लिए हाई मास्ट लाइट और सोलर लाइट लगाने की योजना है। इससे शाम के समय भी पार्क परिसर में पर्याप्त रोशनी उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी।

सोलर लाइट लगाए जाने से ऊर्जा की बचत के साथ पार्क की प्रकाश व्यवस्था को अधिक टिकाऊ बनाने में भी मदद मिल सकती है।

जलजमाव से निपटने के लिए ड्रेनेज सिस्टम

पटना में बारिश के दौरान जलजमाव एक बड़ी समस्या रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए पार्क में जलनिकासी की व्यवस्था को भी परियोजना का हिस्सा बनाया गया है।

पार्क परिसर में ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाएगा, ताकि बारिश के पानी की निकासी जल्द हो सके और लंबे समय तक जलजमाव की स्थिति न बने।

12 महीने में पूरा करने का लक्ष्य

नगर निगम की योजना के मुताबिक पार्क का निर्माण कार्य करीब 12 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने और निर्माण कार्य शुरू होने के बाद निर्धारित अवधि में परियोजना को पूरा करने की कोशिश होगी।

पार्क तैयार होने के बाद मीठापुर-सिपारा और आसपास के इलाकों की बड़ी आबादी को एक नया सार्वजनिक स्थल मिल सकता है। यहां बच्चों के खेल से लेकर बुजुर्गों की सैर, युवाओं के व्यायाम और परिवारों के लिए मनोरंजन तक की सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी।

फिलहाल परियोजना की अगली प्रक्रिया टेंडर और निर्माण कार्य शुरू होने से जुड़ी है। यदि काम तय समय के अनुसार आगे बढ़ता है तो अगले एक साल में दक्षिणी पटना के इस इलाके की तस्वीर बदल सकती है। खासकर ऐसे इलाके में जहां तेजी से बढ़ती आबादी के बीच खुले और व्यवस्थित सार्वजनिक स्थानों की जरूरत लगातार महसूस की जा रही है, सिपारा पार्क स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण सुविधा बन सकता है।

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मीठापुर-सिपारा जैसे तेजी से विकसित हो रहे इलाके में पार्क का निर्माण केवल मनोरंजन की सुविधा नहीं है। बढ़ती आबादी और व्यस्त शहरी जीवन के बीच लोगों के लिए खुले स्थानों का महत्व लगातार बढ़ रहा है।

प्रस्तावित पार्क में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए अलग-अलग सुविधाएं रखने की योजना इसे सामान्य पार्क से अलग बनाती है। ओपन जिम और योगा कुटिर स्वास्थ्य गतिविधियों को बढ़ावा दे सकते हैं, जबकि वॉकिंग ट्रैक और हरियाली लोगों को बेहतर वातावरण देंगे।

हालांकि, किसी भी सार्वजनिक परियोजना की असली सफलता उसके निर्माण के साथ-साथ रखरखाव पर निर्भर करती है। पार्क बनने के बाद साफ-सफाई, पौधों की देखभाल, लाइटिंग, सुरक्षा और उपकरणों का नियमित रखरखाव सुनिश्चित करना जरूरी होगा।

यदि निर्माण तय समय में पूरा होता है और सुविधाओं का नियमित रखरखाव भी किया जाता है, तो सिपारा पार्क दक्षिणी पटना के लोगों के लिए उपयोगी और आकर्षक सार्वजनिक स्थल बन सकता है।

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